A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

“मेरठ में ‘विकास’ बना जानलेवा जाल! CM ग्रिड योजना की सड़क पर बीचों-बीच खुला नाला

हर गुजरते पल मौत से सामना” 🚨

🚨🔥 “मेरठ में ‘विकास’ बना जानलेवा जाल! CM ग्रिड योजना की सड़क पर बीचों-बीच खुला नाला—हर गुजरते पल मौत से सामना” 🚨🔥

मेरठ शहर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां CM ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़क अब लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि उनकी जान के लिए खतरा बनती जा रही है। गढ़ रोड पर सम्राट हैवंस होटल के सामने का इलाका इन दिनों एक ऐसे “खुले मौत के कुंड” में तब्दील हो चुका है, जहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं। सड़क के ठीक बीचों-बीच एक चौड़ा और गहरा नाला खोलकर छोड़ दिया गया है, और हैरानी की बात यह है कि उसके चारों तरफ न तो कोई बैरिकेडिंग है, न चेतावनी बोर्ड, न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम

दिन में भी यह नाला लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन जैसे ही शाम ढलती है, यह जगह पूरी तरह “ब्लाइंड स्पॉट” बन जाती है। तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालकों को अचानक सामने यह खुला नाला दिखाई ही नहीं देता, और किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-मोटे हादसे होते-होते बचे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद अब तक नहीं टूटी।

इस निर्माण कार्य को जीत कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है, वह सीधे-सीधे लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। सवाल यह उठता है कि क्या निर्माण एजेंसी को नियमों का कोई डर नहीं? और क्या नगर निगम व जिला प्रशासन इस खतरे से पूरी तरह अनजान हैं या फिर आंखें मूंदे बैठे हैं?

👉 जिम्मेदार कौन?
नगर निगम, जिला प्रशासन, निर्माण एजेंसी—तीनों की जिम्मेदारी बनती है कि इस तरह के कार्यों में आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए। लेकिन यहां तो हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं।

👉 स्थानीय लोगों का गुस्सा:
इलाके के दुकानदारों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। “क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा?”—यह सवाल अब हर जुबान पर है।

👉 किसी बड़े हादसे का इंतजार?
अगर जल्द ही इस खुले नाले को कवर नहीं किया गया या कम से कम बैरिकेडिंग नहीं की गई, तो यह तय है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।

👉 बड़ा सवाल:
क्या मेरठ में विकास कार्य सिर्फ कागजों पर ही सुरक्षित हैं?
या फिर जमीन पर लोगों की जान की कोई कीमत नहीं?

यह मामला केवल एक सड़क या एक नाले का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर किसी अनहोनी के बाद ही हरकत में आता है।


रिपोर्ट: एलिक सिंह
📞 संपर्क: 8217554083
🖋 संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़

Back to top button
error: Content is protected !!